अमेजन-फ्यूचर मामला: न्यायालय ने दस्तावेज पेश करने के तरीके और समय पर नाराजगी जताई

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने अमेजन-फ्यूचर मामले में संबंधित पक्षों द्वारा पेश दस्तावेजों के ‘समय और सामग्री’ को लेकर नाराजगी जताई है और फ्यूचर समूह की याचिका पर सुनवाई 11 जनवरी तक के लिए टाल दी है।

फ्यूचर समूह ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया गया था। मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (एसआईएसी) द्वारा सुनाए गए आपात निर्णय में हस्तक्षेप से इनकार किया था।

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना तथा न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने पूर्व में इस मामले में संबंधित पक्षों से ‘ट्रक भरकर’ दस्तावेजों के बजाय कम संख्या में दस्तावेज मांगे थे।

पीठ ने बुधवार को एक बार फिर फ्यूचर ग्रुप द्वारा प्रस्तुत लिखित दस्तावेजों पर नाराजगी जताई।

न्यायालय ने कहा, ‘‘हमारे पिछले निर्देश का मकसद यह था कि आप अपनी ओर से लिखित दस्तावेज पहले ही पेश कर दें जिससे हम उन्हें पढ़ सकें। हमें एफआरएल से ये दस्तावेज रात 10 बजे मिले हैं। दूसरे पक्ष से हमें ये दस्तावेज आज सुबह मिलें हैं।’’

इस पर फ्यूचर समूह की ओर से उपस्थिति वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा, ‘‘मैं सुझाव दे सकता हूं, मैं आज खुद एक नोट लिखवाऊंगा और आज शाम तक जमा करूंगा। इस मामले को कल लिया जा सकता है।’’

इस पर पीठ ने कहा कि यदि कोई बहुत जरूरी नहीं है, तो इस मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को हो सकती है। सभी पक्षों ने इसपर सहमति दी।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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