अमेरिका को ताकत के साथ चीन का मुकाबला करना चाहिए न कि कमजोरी से : ब्लिंकेन

वाशिंगटन, चीन को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए अमेरिका के भावी विदेश मंत्री एंथोनी ब्लिंकेन ने कहा कि अमेरिका को इस चुनौती का सामना ‘‘मजबूती की स्थिति से करना चाहिए, न कि कमजोरी की स्थिति से।’’

सीनेट की विदेश मामलों की समिति में अपनी नियुक्ति की पुष्टि के लिए हुई सुनवाई में ब्लिंकेन ने कहा, ‘‘ जब हम चीन को देखते हैं तो इसमें कोई शक नहीं है कि एक राष्ट्र के तौर पर वह हमारे हितों, अमेरिकी लोगों के हितों के लिए सबसे अधिक चुनौती पेश कर रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ कुल मिलाकर मौजूदा संबंधों में प्रतिकूल परिस्थितियां बढ़ रही हैं। वह प्रतिस्पर्धी है, लेकिन जब हमारे आपसी हित की बात आती है तो अब भी कुछ सहयोग के बिंदु हैं। ऐसे समय जब हम विचार कर रहे हैं कि चीन का सामना कैसे करें और मेरा मानना है कि यह समिति के कार्यों में प्रतिबिंबित होता है, हमें चीन का सामना मजबूती की स्थिति से करना है, न कि कमजोरी की स्थिति से।’’

ब्लिंकेन ने कहा कि अच्छी बात यह है कि यह करने की अमेरिका की क्षमता उसके अपने नियंत्रण में है।

उन्होंने कहा, ‘‘उस वक्त मजबूती की स्थिति जब हम अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, न कि उनपर तोहमत लगा रहे हैं। यह चीन से निपटने में हमारी ताकत का स्रोत है। और भी मजबूती की स्थिति तब होती है जब हम प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में जुड़े होते हैं और उसका नेतृत्व कर रहे होते हैं, न कि हम उनसे खुद को हटा लेते हैं तथा चीन को उन संस्थाओं के नियमों, कायदे-कानूनों को तैयार करने और लागू करने एवं उन्हें चलाने की छूट दे देते हैं।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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