बेंगलुरु, अमेरिकी वायु सेना ने नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित धरती का अवलोकन करने वाला उपग्रह ‘एनआईएसएआर’ भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी को सौंपा।
चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने कहा कि अमेरिकी वायु सेना का सी-17 विमान ‘नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार’ (एनआईएसएआर) को लेकर बेंगलुरु में उतरा।
यह उपग्रह अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा’ और इसरो के बीच सहयोग का परिणाम है।
अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘एनआईएसएआर उपग्रह बेंगलुरु पहुंचा। इसरो ने कैलिफोर्निया में नासा से पृथ्वी का अवलोकन करने वाला उपग्रह प्राप्त किया, जिसे अमेरिकी वायु सेना के सी-17 विमान से लाया गया। यह दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग का एक सच्चा प्रतीक है।’’
इसरो द्वारा एनआईएसएआर का उपयोग कृषि मानचित्रण और भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्रों का पता लगाने सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस उपग्रह को 2024 में आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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