अमेरिका से निर्वासित प्रवासियों को लेकर पहला सैन्य विमान ग्वांतानामो बे में उतरा

वाशिंगटन, अमेरिका से प्रवासियों को ग्वांतानामो बे में निर्वासित करने के लिए भेजा गया पहला सैन्य विमान मंगलवार शाम क्यूबा में उतरा। एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी। इससे अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर भेजे जाने वाले प्रवासियों की संख्या में वृद्धि होने का अनुमान है। इस अड्डे का उपयोग मुख्य रूप से दशकों से 11 सितंबर 2001 के हमलों से जुड़े विदेशियों को हिरासत में रखने के लिए किया जाता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नौसैनिक अड्डे को प्रवासियों को रखने के लिए उपयुक्त जगह मान रहे हैं और उनका कहना है कि यहां 30 000 लोगों को रखने की क्षमता है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसे प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए एक ‘‘उपयुक्त जगह’’ करार दिया। पिछले कुछ दिनों में सहायता के लिए अमेरिका से अतिरिक्त सैन्य बल को नौसैनिक अड्डे पर भेजा गया है। ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल यूएस’ में शरणार्थी और प्रवासी अधिकार कार्यक्रम की निदेशक एमी फिशर ने ग्वांतानामो बे के इस तरह के उपयोग की निंदा की। एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इसके अतिरिक्त अमेरिका ने सोमवार को भारतीय प्रवासियों को वापस भारत भेज दिया। ग्वांतानामो बे में लगभग 300 कर्मचारी तैनात हैं जो कि निर्वासन अभियान की देखरेख कर रहे हैं तथा गृह मंत्रालय की जरूरत के आधार पर इनकी संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है। इनमें से कम से कम 230 जवान 6वीं मरीन रेजिमेंट के अमेरिकी नौसैनिक हैं जिन्होंने शुक्रवार को मोर्चा संभाल लिया।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: