नये वित्तीय मॉडल पर काम कर रही है सुपर लीग केरला

नयी दिल्ली, सुपर लीग केरला एक नए वित्तीय मॉडल पर काम कर रही है जिसका मकसद अगले सत्र से अपनी ज्यादातर फ्रेंचाइजी को ‘ब्रेक इवन प्वाइंट’ (न लाभ न हानि) के करीब लाने के साथ ही जर्मन फुटबॉल संघ के साथ पांच साल का तकनीकी रोडमैप भी तैयार करना है ।

जर्मन फुटबॉल संघ के साथ तैयार रोडमैप में हर साल करीब 200 युवा प्रतिभाओं के लिये रिहायशी उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलैंस) स्थापित करना भी है । लीग के निदेशक और सीईओ मैथ्यू जोसेफ ने कहा ‘‘हमने यह पाया कि काफी खर्च करने से टीमें टिक नहीं पायेंगी ।

यही एक वजह है कि लीग की शुरुआत से ही हमने मितव्ययिता की पैरवी की चाहे वह वेन्यू का खर्च हो लागत हो या खिलाड़ियों के लिये पर्स हो ।’’ उन्होंने कहा ‘‘ हमने जरूरत से ज्यादा या कम खर्च करने वाली टीमों पर दंड लगाने का फैसला किया । परिचालन लागत खिलाड़ियों के लिये पर्स और बाकी खर्च अच्छी तरह से तय हैं और टीमों को उस पर अडिग रहना चाहिये ।’’

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना शामिल है जिसमें औपचारिक शिक्षा के साथ फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जायेगा । लीग का तीसरा सत्र 25 सितंबर से शुरू होगा जिसमें छह टीमें भाग लेंगी ।’’क्रडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: