अमेरिकी न्यायाधीश ने ट्रंप के छह जनवरी संबंधी मुकदमों को रद्द करने के प्रयास खारिज किए

वाशिंगटन, अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सांसदों तथा संसद भवन के दो पुलिस अधिकारियों द्वारा साजिश के आरोप में दर्ज कराए गए मुकदमों को रद्द करने का उनका प्रयास खारिज कर दिया। न्यायाधीश ने कहा कि संभवत: पूर्व राष्ट्रपति के शब्दों ने ‘‘विश्वसनीय रूप से’’ छह जनवरी 2021 को हुए विद्रोह का मार्ग प्रशस्त किया।

यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायाधीश अमित मेहता ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिकी संसद भवन में हिंसक भीड़ के घुसने से पहले एक रैली के दौरान कहे गए ट्रंप के शब्द उकसावे के शब्दों जैसे थे।

न्यायाधीश मेहता ने कहा कि ट्रंप के भाषण से लोग कानून तोड़ सकते थे। हालांकि, उन्होंने ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और वकील रुडी गुइलियानी के खिलाफ ऐसे ही आरोप खारिज कर दिए।

रिपब्लिकन सांसद एरिक स्वालवेन, डी कैलिफ, अधिकारी जेम्स ब्लासिंगेम और सिडनी हेम्बी द्वारा दायर मुकदमे में दलील दी गयी है कि ट्रंप, ट्रंप जूनियर, गुइलियानी और रिपब्लिकन सांसद मो ब्रूक्स ने ‘‘फर्जीवाड़े और चोरी के झूठे और उकसावे वाले आरोप लगाए और रैली में हिंसा के आह्वान पर एक हिंसक भीड़ ने अमेरिकी संसद भवन पर हमला किया।’’

गौरतलब है कि छह जनवरी को हुई इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गयी थी।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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