अय्यर के लिए कप्तान के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने का समय आ गया है: सबा करीम

नयी दिल्ली, भारत के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज सबा करीम का मानना है कि श्रेयस अय्यर के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिखाई गई अपनी रणनीतिक क्षमता को राष्ट्रीय टीम के लिए भी साबित करने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नेतृत्व क्षमता की स्पष्ट छाप छोड़ने का समय आ गया है ।

             टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव से कप्तानी संभालने वाले अय्यर की अगुआई में भारत को अब तक सफलता नहीं मिली है। टीम आयरलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला 0-2 से हार गई और इसके बाद इंग्लैंड के विरुद्ध पहले मुकाबले के बारिश में धुल जाने के बाद लगातार तीन टी20 मैच गंवाकर पांच मैचों की श्रृंखला में 0-3 से पिछड़ गई।

            करीम ने ‘जियोहॉटस्टार’ से बातचीत में कहा  ‘‘मुझे लगता है कि अब अय्यर को कप्तान के तौर पर खुद को स्थापित करना होगा। आईपीएल में उनकी जिस रणनीतिक कप्तानी की झलक देखने को मिली थी  वह अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नजर नहीं आई है।’’

             उन्होंने बल्लेबाजी क्रम पर सवाल उठाते हुए कहा  ‘‘जब अय्यर खुद मध्यक्रम में बल्लेबाजी कर रहे थे  तब शिवम दुबे को पांचवें नंबर पर भेजने का फैसला समझ से परे था। आईपीएल में हम जिस अय्यर को जानते हैं  वह ऐसा फैसला शायद नहीं लेते।’’

            उन्होंने हालांकि अय्यर की बल्लेबाजी की सराहना करते हुए कहा  ‘‘ उनका रन बनाना टीम के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू है। जब कप्तान खुद अच्छी बल्लेबाजी करता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और कप्तानी भी बेहतर हो जाती है। उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में यह देखने को मिलेगा। ’’

             करीम ने पांचवें टी20 मुकाबले के लिए भारतीय टीम में बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि मध्यक्रम में एक अनुभवी दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत है और फिलहाल संजू सैमसन सबसे उपयुक्त विकल्प हैं।

            उन्होंने कहा  ‘‘लगातार बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कड़ी को तोड़ने के लिए एक अनुभवी दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत है और संजू सैमसन से बेहतर विकल्प कोई नहीं है। टीम प्रबंधन अगर तिलक वर्मा को बरकरार रखता है तो शिवम दुबे की जगह संजू सैमसन को शामिल किया जाना चाहिए। इससे बल्लेबाजी क्रम और अधिक मजबूत होगा।’’

             उन्होंने इसके साथ ही सूर्यांश शेडगे को वॉशिंगटन सुंदर की जगह एकादश में शामिल करने की वकालत करते हुए कहा ‘‘ वह मध्यम गति से दो-तीन ओवर गेंदबाजी करते हुए छठे गेंदबाज की भूमिका को निभा सकता है।’’

             करीम ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी आईपीएल की सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाये हैं।

             उन्होंने कहा  ‘‘हम अब भी ऐसे बल्लेबाजी कर रहे हैं जैसे भारत की छोटी बाउंड्री वाले मैदानों पर खेल रहे हों। विश्व कप विजेता टीम से ऐसी क्रिकेट की उम्मीद नहीं की जाती।’’ ’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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