ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के समृद्ध वन्यजीवों विशेषकर बाघों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में बाघों की महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख किया।
खांडू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा ‘‘बाघ न केवल सर्वोच्च शिकारी हैं बल्कि वे स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण संकेतक और हमारी राष्ट्रीय विरासत के गौरवशाली प्रतीक भी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर हम बाघों और उनके आवासों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘आइए हम बाघों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करें और जागरूकता फैलाएं ताकि आने वाली पीढ़ियां जंगलों में उनकी सुंदरता पर अचंभित होती रहें।’’
अपने विशाल वन क्षेत्र और पारिस्थितिक संपदा के साथ अरुणाचल प्रदेश दो प्रमुख बाघ अभयारण्यों का घर है चांगलांग जिले में नामदाफा और पक्के केसांग में पक्के। इन बाघ अभयारण्यों में संरक्षण के महत्वपूर्ण प्रयास चल रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट और विभिन्न स्रोतों द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 18.65 बाघ प्रति वर्ग किलोमीटर की आबादी के साथ काजीरंगा अब दुनिया में बाघों के घनत्व के मामले में तीसरे स्थान पर है। बांदीपुर बाघ अभयारण्य 19.83 बाघ प्रति वर्ग किलोमीटर के साथ पहले तथा कार्बेट राष्ट्रीय प्राणि उद्यान 19.56 बाघों के साथ दूसरे स्थान पर है।
अधिकारी ने कहा कि बाघों की आबादी में इस उत्साहजनक वृद्धि के प्रमुख कारण आवास विस्तार और संरक्षण हैं।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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