असम की मस्जिद समितियों ने कहा, कोविड-19 महामारी के कारण मस्जिद में ईद की सामूहिक नमाज नहीं

गुवाहाटी, असम में मस्जिद समितियों ने फैसला किया है कि कोविड-19 महामारी और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के मद्देनजर आगामी ईद-उल-फितर उत्सव के दौरान मस्जिद परिसरों में सामूहिक नमाज अता नहीं की जाएगी।

मस्जिद के इमामों ने लोगों से अपने-अपने घरों में ही इबादत करने और उत्सव मनाने को कहा है।

बुरहा जामा मस्जिद समिति के एक पदाधिकारी ने गुवाहाटी में कहा कि मस्जिदों या ईदगाह में पारंपरिक रूप से ईद पर होने वाली सामूहिक प्रार्थना नहीं होगी, कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों की वजह से लोगों के हाथ मिलाने और गले मिलने पर भी पाबंदी होगी।

पदाधिकारी ने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों के लिये सरकारी दिशानिर्देशों के मुताबिक मस्जिदों या ईदगाह में सिर्फ पांच लोगों के जुटने की इजाजत है।

उन्होंने बताया कि ज्यादा भीड़ से बचने और भीड़ प्रबंधन के लिये अधिकतर मस्जिद समितियों ने पिछले साल महामारी के बाद से ही मस्जिदों के दरवाजों को बंद रखा है।

उन्होंने कहा कि मौलाना समेत सिर्फ पांच लोग और वहां काम करने वाले ही मस्जिद परिसर में इस त्योहार पर नमाज अता करेंगे।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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