असम के परिसीमन को ‘हेरफेर’ बताकर अवैध ठहराने की कोशिश कर रही कांग्रेस: हिमंत

गुवाहाटी,  असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस पर 2023 में राज्य में हुए परिसीमन को ‘अवैध’ ठहराने का आरोप लगाया और कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण ‘अवैध प्रवासन से हमारी सभ्यता को नष्ट होने से बचाने’ के लिए किया गया है। 

            उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया ‘संतुलन बहाल करने और स्वदेशी असमिया प्रतिनिधित्व की रक्षा करने’ के लिए थी।  मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया पुनर्निर्धारित निर्वाचन क्षेत्रों पर सवाल उठने के बाद आई है। पुनर्निर्धारित निर्वाचन क्षेत्रों के आधार पर 2024 के लोकसभा और हाल ही में नौ अप्रैल को विधानसभा चुनाव हुए थे।

            आरोप लगाया गया था कि यह प्रक्रिया सत्ताधारी दल के हित में की गई थी। शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा  “जेरीमैंडरिंग – कांग्रेस के कुप्रबंधित गुट ने असम के परिसीमन को बदनाम करने और बदले में राष्ट्र को गुमराह करने के लिए इस शब्द का अत्यधिक उपयोग किया है। उनके दुष्प्रचार में न पड़ें।”

                        ‘जेरीमैंडरिंग’ से आशय अनुचित लाभ की नियत से निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण करना है।

            उन्होंने कहा कि असम का परिसीमन कोई साजिश नहीं थी बल्कि ‘दशकों की राजनीतिक उपेक्षा और वोट बैंक तुष्टीकरण के बाद एक लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार’ था।

            शर्मा ने कहा  “वास्तव में  यह असम की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाता है लेकिन अवैध प्रवासन से हमारी सभ्यता को नष्ट होने से बचाने के लिए यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है।”

            उन्होंने कहा कि विशेष रूप से निचले असम क्षेत्र में वर्षों से  “अनियंत्रित जनसांख्यिकीय परिवर्तनों ने निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप बदल दिया जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने चुप्पी साधे रखी क्योंकि यह उनके चुनावी हितों के अनुकूल था।” 

            मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रतिनिधित्व का वास्तविक विरूपण तब हुआ था  न कि अब।

            उन्होंने कहा  “यह तर्क न केवल कमजोर है  बल्कि सरासर पाखंड है। वे लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर रहे हैं  वे उस व्यवस्था की रक्षा कर रहे हैं जिससे उन्हें राजनीतिक लाभ मिला है।”

            शर्मा ने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य संतुलन बहाल करना और असम के मूल निवासियों के प्रतिनिधित्व की रक्षा करना था।

            क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: