मणिपुर: मशाल रैलियों में कई असामाजिक तत्व ले रहे हिस्सा, जल्द बढ़ाई जाएगी सुरक्षा

इंफाल,  मणिपुर पुलिस ने रविवार को बताया कि प्रदर्शनकारियों के वेश में कई असामाजिक तत्वों ने राज्य की राजधानी के विभिन्न इलाकों में रात के समय होने वाली मशाल रैलियों के दौरान हिंसक गतिविधियां की हैं। 

            बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को हुए बम हमले और गेलमोल के पास केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर पर हमले के बाद घाटी के पांचों जिलों में सुरक्षा बलों व प्रदर्शनकारियों के बीच कई विरोध प्रदर्शन एवं झड़पें हुई हैं।

            बम हमले में दो बच्चों की मौत हुई थी जबकि सीआरपीएफ शिविर पर हमले में तीन लोग मारे गए थे।

            इंफाल पश्चिम के पुलिस अधीक्षक के.एस. सिंह ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया  “पिछले कुछ दिनों से इंफाल के विभिन्न इलाकों में रात के समय मशाल रैलियां हो रही हैं। इनमें से कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों के वेश में कई असामाजिक तत्वों ने हिंसक गतिविधियां की हैं। इनमें पेट्रोल बमों का इस्तेमाल  लोहे के प्रक्षेपास्त्रों से लैस गुलेलें और सुरक्षा बलों पर पथराव शामिल है।”

            इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई और सगोलबंद तथा इंफाल पूर्व जिले के खुराई में रात को मशाल रैलियां हिंसक हो गईं  जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। 

            पुलिस अधीक्षक ने बताया  “यह भी देखा गया है कि कई प्रदर्शनकारी शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में थे। इसके अलावा  यह भी पता चला है कि कुछ उकसाने वाली इन रैलियों से पहले पेट्रोल/केरोसिन बम  गुलेल और लोहे के प्रक्षेपास्त्रों की आपूर्ति कर रहे हैं।”

            उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के साथ-साथ उकसाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

            मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे जाएंगे।   कोंथौजम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा  “सीएपीएफ की 272 कंपनियां राज्य में तैनात की गई थीं। हालांकि  अन्य राज्यों में चुनाव के कारण 88 कंपनियों को वापस बुला लिया गया है। हमें बताया गया था कि 15 और कंपनियों को वापस बुलाया जाएगा लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा केंद्रीय अधिकारियों के समक्ष चिंता व्यक्त करने के बाद  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि अब और कंपनियां वापस नहीं बुलाई जाएंगी। इसलिए  सीएपीएफ की 184 कंपनियां फिलहाल राज्य में तैनात हैं।”

            उन्होंने कहा  “बारूदी सुरंगों से सुरक्षित और बुलेटप्रूफ वाहन आने शुरू हो गए हैं। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को बंगाल चुनावों के बाद  वापस बुलाई गई सभी सेनाओं के साथ-साथ अतिरिक्त सेनाएं और आतंकवाद विरोधी अभियानों में माहिर बल राज्य में पहुंच जाएंगे।”

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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