गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को चाय बागान मजदूरों के मेहनताने में वार्षिक वृद्धि की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे कामकाज का एक सही माहौल बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि वार्षिक वृद्धि होने पर चाय बागान प्रबंधनों पर तीन या चार साल के बाद मेहनताने में की जाने वाली वृद्धि से अचानक पड़ने वाले बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरा मानना है कि तीन या चार साल का इंतजार करने के बजाए हर साल (मेहनताने में) वृद्धि की जानी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “एक अच्छे चलन को अपनाना चाहिए जिससे सुनिश्चित होगा कि मजदूरों में कोई तनाव न हो और एक सही माहौल में काम जारी रहे।”
क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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