गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को मानदेय देने के लिए एक योजना शुरू की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘प्रेरणा’ योजना के तहत राज्य सरकार परीक्षा पूरी होने तक विद्यार्थी को 300 रुपये प्रतिमाह देगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें पोषण सहित बुनियादी सुविधाएं मिलें।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने इस महीने के लिए परीक्षार्थियों को धनराशि पहले ही उपलब्ध करा दी है और उनकी बोर्ड परीक्षा अगले वर्ष फरवरी में होनी है।
शर्मा ने कहा ‘‘दसवीं की परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थी गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं और उनके पास किताबें नोटबुक स्टेशनरी और यहां तक कि एक कप दूध जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं होतीं। यह योजना सुनिश्चित करेगी कि वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहें और सही मनोभाव के साथ परीक्षा दे सकें।’’
उन्होंने कहा ‘‘यह योजना 4.4 लाख विद्यार्थियों को सशक्त बनाएगी उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगी मानसिक तनाव कम करेगी और पढ़ाई बीच में ही छोड़ने वालों की संख्या में कमी लाएगी।’’
अधिकारियों ने बताया कि असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (एएसएसईबी) के तहत हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एचएसएलसी) की परीक्षा देने वाले छात्र या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तहत आदर्श विद्यालयों में अध्ययन करने वाले और असम के निवासी 10वीं बोर्ड के परीक्षार्थी इस योजना के लिए पात्र होंगे भले ही उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common