आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक शुरू, बुधवार को निर्णय की घोषणा

मुंबई,  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के लिए विचार-विमर्श शुरू किया।

             छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक तीन दिन चलेगी। बुधवार (छह अगस्त) को द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की जाएगी।

              आरबीआई ने फरवरी में नीतिगत दरों को घटाना शुरू किया था और तब से तीन बार में अल्पकालिक उधारी दर (रेपो) में एक प्रतिशत की कमी हुई है।

             विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक इस बार यथास्थिति बनाए रख सकता है। सात अगस्त से भारतीय आयातों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की अमेरिका की घोषणा के बाद केंद्रीय बैंक और अधिक व्यापक आंकड़ों का इंतजार करना चाहेगा।

             हालांकि  उद्योग जगत के कुछ लोगों को ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत कटौती की उम्मीद जताई।

             बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि मौद्रिक नीति जून में कम मुद्रास्फीति और 25 प्रतिशत अमेरिकी शुल्क लगाने के हाल के घटनाक्रमों पर आधारित नहीं होगी।

             इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि हालिया मुद्रास्फीति के आंकड़े इस साल की दूसरी छमाही में नरमी के संकेत दे रहे हैं।

             उन्होंने कहा कि अमेरिका के शुल्क लगाने से जीडीपी वृद्धि के लिए नकारात्मक जोखिम पैदा होगा  और इस कारण निश्चित रूप से रुपये में अस्थिरता पैदा होगी।

             नायर ने अगस्त में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत कटौती की उम्मीद जताई। हालांकि कहा कि यह मौजूदा चक्र की अंतिम कटौती होगी।

             एमपीसी में आरबीआई के तीन अधिकारी… संजय मल्होत्रा (गवर्नर)  पूनम गुप्ता (डिप्टी गवर्नर)  राजीव रंजन (कार्यकारी निदेशक) और तीन बाहरी सदस्य.. नागेश कुमार (निदेशक और मुख्य कार्यकारी  औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान)  सौगत भट्टाचार्य (अर्थशास्त्री)  राम सिंह (निदेशक  दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स) शामिल हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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