आरबीआई की विदेशी मुद्रा से लेनदेन आय 52 प्रतिशत बढ़कर 1.69 लाख करोड़ रुपये

मुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की विदेशी मुद्रा लेनदेन से आय वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1.69 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 52 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

आरबीआई ने 2024-25 में विदेशी मुद्रा लेनदेन से 1.11 लाख करोड़ रुपये का विनिमय लाभ अर्जित किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि 31 मार्च 2026 तक आरबीआई का कुल बहीखाता आकार 15.72 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये हो गया।

परिसंपत्ति पक्ष पर वृद्धि घरेलू निवेश स्वर्ण भंडार और विदेशी निवेश में क्रमशः 44.9 प्रतिशत 63.8 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई।

आरबीआई के कुल परिसंपत्तियों में 29.1 प्रतिशत घरेलू संपत्तियां थीं जबकि शेष 70.9 प्रतिशत विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां स्वर्ण और भारत के बाहर वित्तीय संस्थानों को ऋण एवं अग्रिम के रूप में थीं।

वित्त वर्ष 2025-26 में आरबीआई का अधिशेष बढ़कर 2 86 588.46 करोड़ रुपये हो गया जो 2024-25 में 2 68 590.07 करोड़ रुपये था। इसमें 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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