आरबीआई ने धनलक्ष्मी बैंक पर 27.5 लाख रुपये, एक सहकारी बैंक पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

मुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कहा कि उसने धनलक्ष्मी बैंक पर ‘जमाकर्ताओं की शिक्षा एवं जागरुकता कोष योजना’ से संबंधित नियमों के उल्लंघन के चलते 27.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

केंद्रीय बैंक ने साथ ही गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर (एनई) और मध्य पूर्वी (ईसी) रेलवे कर्मचारियों के बहुराज्यीय प्राथमिक सहकारी बैंक पर कुछ मानदंडों का उल्लंघन करने के चलते 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि धनलक्ष्मी बैंक पर बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की एक धारा के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है।

बयान में कहा गया कि पूर्वोत्तर (एनई) और मध्य पूर्वी (ईसी) रेलवे कर्मचारियों के बहुराज्यीय प्राथमिक सहकारी बैंक की 31 मार्च 2019 को वित्तीय स्थिति के आधार पर बैंक की निरीक्षण रिपोर्ट में पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचे (एसएएफ) के तहत जारी किए गए विशिष्ट निर्देशों का पालन नहीं करने या उनका उल्लंघन करने के बारे में पता चला।

रिपोर्ट के आधार पर सहकारी बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘‘व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान बैंक के जवाब और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि उसके निर्देशों का पालन नहीं करने या उल्लंघन के उपरोक्त आरोप की पुष्टि हुई और इसलिए मौद्रिक जुर्माना लगाना जरूरी है।’’

आरबीआई ने हालांकि, यह जोड़ा कि यह जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और सहकारी बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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