22वें दिव्य कला मेले का समापन इंडिया गेट, नई दिल्ली में 3.5 करोड़ रुपये से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री के साथ हुआ। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने अंतिम दिन नई दिल्ली में ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘दिव्य कला शक्ति’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगजनों की असाधारण प्रतिभा और सांस्कृतिक योगदान को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। इस कार्यक्रम के साथ 12 से 22 दिसंबर, 2024 तक आयोजित ‘दिव्य कला मेला’ का समापन भी हुआ, जिसमें 3.5 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री हुई। उत्कृष्ट स्टॉल और दिव्यांग उद्यमियों को उनके अनुकरणीय शिल्प कौशल और उद्यमशीलता की भावना के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया।11 दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में देश भर से आए दिव्यांग कलाकारों ने नृत्य, संगीत, चित्रकला और नाट्य प्रस्तुतियों सहित विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शकों और उपस्थित गणमान्य लोगों ने इन कलाकारों के उल्लेखनीय प्रयासों और अद्वितीय प्रतिभा की सराहना की। ‘दिव्य कला मेला’ और ‘दिव्य कला शक्ति’ कार्यक्रमों ने न केवल दिव्यांगजनों की क्षमताओं का प्रदर्शन किया, बल्कि एक अधिक संवेदनशील और समावेशी समाज की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रतिभा, सशक्तिकरण और नवाचार का यह उत्सव एक स्थायी छाप छोड़ता है, जो व्यक्तियों और समुदायों दोनों को विविधता और समावेशिता को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।Photo : Wikimedia