इंदौर मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर ने लोक परिवहन के नये युग में प्रवेश किया जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहर में मेट्रो रेल सेवा की औपचारिक शुरुआत की। मोदी ने राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण के वाणिज्यिक परिचालन का आगाज किया। यह प्रदेश में शुरू होने वाली पहली मेट्रो रेल सेवा है।
प्रधानमंत्री ने इंदौर के पूर्व होलकर राजवंश की शासक देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर केंद्रित ‘‘महिला सशक्तीकरण महासम्मेलन’’ में कहा ‘‘मध्यप्रदेश को आज पहली मेट्रो सुविधा मिली है। इंदौर स्वच्छता के लिए दुनिया भर में अपनी पहचान पहले ही बना चुका है। अब इंदौर की पहचान उसकी मेट्रो रेल से भी बनने जा रही है।’’
अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में मेट्रो रेल सेवा के पहले चरण के तहत शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन के बीच करीब छह किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे (सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर) पर वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया गया है। इस चरण के निर्माण में 1 520 करोड़ रुपये की लागत आई है।
अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो रेल सेवा के शुरुआती चरण में पांच स्टेशन पड़ रहे हैं जिन्हें महिलाओं के सम्मान में क्रमश: देवी अहिल्या बाई होलकर टर्मिनल महारानी लक्ष्मी बाई स्टेशन रानी अवंती बाई लोधी स्टेशन रानी दुर्गावती स्टेशन और वीरांगना झलकारी बाई स्टेशन नाम दिए गए हैं।
इंदौर में मेट्रो रेल सेवा का वाणिज्यिक परिचालन शुरू किए जाने के अवसर पर जब यह गाड़ी देवी अहिल्या बाई होलकर टर्मिनल से अपने पहले फेरे पर रवाना हुई तो इसमें केवल महिला यात्रियों को जगह दी गई जिनमें सफाई कर्मी भी शामिल थीं।
इस मौके पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने मेट्रो रेल सेवा के रूप में इंदौर को बड़ी सौगात दी है। इंदौर देश का 24वां शहर है जहां हमने मेट्रो रेल सेवा शुरू की है। इस सेवा के शुरू होने से इंदौर के विकास में नया अध्याय जुड़ गया है।’’
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा ‘‘इंदौर ने लोक परिवहन साधनों के विकास क्रम में बैलगाड़ियों तांगों और बसों को देखा है। अब शहर में मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत हो गई है। यह एक ऐतिहासिक पल है।’’
शहर में मेट्रो रेल सेवा के करीब छह किलोमीटर के जिस सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया गया है उसके निर्माण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। शहर के नये विकसित इलाके में स्थित इस गलियारे पर मेट्रो रेल का प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सितंबर 2023 में किया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन इस तरह बनाए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है हालांकि शुरुआत में तीन डिब्बों की रेल चलाई जा रही जिनमें लगभग 980 यात्री सफर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में कुल 31.32 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है जिसकी प्रस्तावित लागत 7 500.80 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि 35 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में मेट्रो रेल के पूरे गलियारे पर कुल 28 स्टेशन होंगे जो स्थानीय लोक परिवहन को आसान तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएंगे।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common