इबोला वायरस : कांगो के विस्थापित शिविर में रह रहे हजारों लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव

बुनिया (कांगो),  पूर्वी कांगो में इबोला वायरस के संक्रमण के केंद्र बुनिया में विस्थापित 10 000 लोगों के एक शिविर में इस महामारी से निपटने के लिए हाथ धोने का महज एक केंद्र और एक इन्फ्रारेड थर्मामीटर है।

            शिविर के नेताओं का कहना  है कि वे लोगों को खाना खाने से पहले हाथ धोने के लिए कहते हैं – जिनके पास साबुन है  वे साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाकी लोगों को दलिया या रेत का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

            तथाकथित आईएसपी शिविर की निवासी फ्रैंसिन लेवे जांगुजी ने तिरपाल के शिविर में एक खाली नल खोलते हुए कहा  ‘‘मुझे डर इस बात का है कि हम यहां बिना किसी सुरक्षा के हैं। हमारे पास कोई सुरक्षा नहीं है  पानी या साबुन नहीं है। हम कचरे के ढेर के पास रहते हैं।’’

            इस संक्रामक बीमारी को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है और इसके प्रकोप को रोकने के लिए सहायता संगठन और स्वास्थ्यकर्मी इटुरी प्रांत में तेजी से आपूर्ति सामग्री भेज रहे हैं।

            लेकिन अग्रिम पंक्ति के बचावकर्मी चिंतित हैं कि यह बीमारी बुनिया के पास स्थित बड़े विस्थापन शिविरों में फैल सकती है  जहां हजारों लोग सीमित स्थान में ठसाठस भरे हुए हैं और उन्हें बुनियादी स्वच्छता की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।

            इबोला के दुर्लभ बुंडीबुग्यो प्रकार के लिए कोई टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है  जो पूर्वी कांगो में हफ्तों से बिना पता चले फैल रहा है। मानक परीक्षण भी बुंडीबुग्यो प्रकार का पता लगाने में असमर्थ हैं।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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