इस्लामाबाद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के पाकिस्तान के प्रयासों के फलस्वरूप अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद उनका देश दुनिया में एक ‘शांति दूत’ के रूप में उभरा है।
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद अमेरिका और ईरान युद्ध रोकने के लिए समझौते की एक ऐसी रूपरेखा पर सहमत हुए हैं जिसका उद्देश्य 60 दिन के भीतर अंतिम समझौते पर पहुंचना है।
शरीफ ने कराची स्थित पाकिस्तान नौसेना अकादमी में कैडेट की ‘पासिंग आउट परेड’ को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की हालिया पाकिस्तान यात्रा क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देने में उनके देश की महत्वपूर्ण भूमिका की स्वीकारोक्ति थी।
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक खतरों के खतरनाक मेल से उत्पन्न संघर्षों एवं बहुआयामी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है।
उन्होंने भारत पर पाकिस्तान में स्थिरता को कमजोर करने के लिए ‘छद्म तत्वों’ का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया लेकिन उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।
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