ईरान के नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों को मस्जिद पर हुए हमले से जोड़ने की कोशिश की

दुबई, ईरान के सर्वोच्च नेता और राष्ट्रपति ने देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों को इस्लामिक स्टेट द्वारा एक प्रसिद्ध मस्जिद पर किए गए हमले से जोड़ने की कोशिश की, जिसमें 15 लोग मारे गए थे।

सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की ये टिप्पणियां तब सामने आई हैं जब ईरान में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

महसा अमीनी (22) की हिरासत में मौत के बाद ये प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश में महिलाओं के सख्त ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के मामले में अमीनी को हिरासत में लिया गया था।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईरान में एक कार्रवाई के दौरान 200 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

ईरान के दक्षिण शहर शिराज में शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल पर बंदूकधारियों ने बुधवार को गोलीबारी की जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हुई थी। ईरान की सरकारी मीडिया ने यह खबर दी।

रईसी ने बृहस्पतिवार को एक भाषण में देश में जारी प्रदर्शनों को ‘‘दंगों’’ के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा, ‘‘दुश्मन चाहता है कि दंगों के जरिये आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया जाये। दुश्मन हमेशा दुश्मन होता है।’’

खामेनेई (83) ने हमले को “दुश्मनों की साजिश” बताया। उन्होंने कथित तौर पर कहा, ‘‘हम सभी का कर्तव्य है कि हम उग्र शत्रु और उसके विश्वासघाती और मूर्ख साथियों को सबक सिखाये।’’

इस बीच बृहस्पतिवार को ईरान में, राजधानी तेहरान से लगभग 515 किलोमीटर (320 मील) दूर, विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी शहर महाबाद में विरोध प्रदर्शन जारी रहे।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ ने बाद में कहा कि ‘‘दंगाइयों’’ ने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।

रात भर हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया।

एक क्षेत्रीय न्यायपालिका के अधिकारियों ने गोली लगने से व्यक्ति की मौत की बात स्वीकार की है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Associated Press (AP)

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