देहरादून, उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन से अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गईं और नदी-नाले उफान पर आ गए जबकि मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को देहरादून टिहरी पौड़ी व उधमसिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किए जाने के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह चौकस है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश में अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मुख्य रूप से नरेंद्रनगर में 265 मिमी काशीपुर में 170 यमकेश्वर में 174 कोटद्वार में 141 रामनगर में 131 सहस्रधारा में 120.5 मिमी हाथीबड़कला में 119.5 मालदेवता में 114 काशीपुर में 111.5 जसपुर में 100 मिमी कालाढूंगी में 83.5 बाजपुर में 71 देहरादून में 70.6 मसूरी में 65.5 और रामनगर में 53 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश से भूस्खलन के कारण प्रदेश में अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गईं जिन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार उत्तरकाशी जिले में दुर्बिल एवं जंगलचट्टी के पास मलबा आने से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके अलावा भारी बारिश के दौरान चमोली जिले में स्थित कल्पेश्वर मंदिर परिसर में मलबा घुस गया। हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उधर लगातार बारिश से प्रदेश में नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए खतरा बन रहा है जहां देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में दो घटनाओं में छह छात्रों समेत आठ लोग फंस गए। हालांकि राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ से मिली सूचना के अनुसार ऋषिकेश में सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे बारिश से उफनाई बीन नदी में एक मैक्स वाहन के पलटने की सूचना मिली जिसके बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया गया।
इसने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन दूसरा व्यक्ति वाहन के भीतर फंसा रहा और नदी के तेज बहाव के साथ कुछ दूरी तक बह गया जिससे बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बाद एसडीआरएफ की एक और टीम मौके पर बुलाई गई जिसके समन्वित प्रयास से उस व्यक्ति को भी बाहर निकाला गया। दोनों व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। एसडीआरएफ के मुताबिक दूसरी घटना देहरादून के थान गांव में हुई जहां जंगल में ‘ट्रेकिंग’ के लिए गए एक निजी विश्वविद्यालय के आधा दर्जन छात्र वापसी में तेज बारिश से स्वारना नदी के बढ़े जलस्तर के कारण वहीं फंस गए। सूचना मिलते ही डाकपत्थर से एसडीआरएफ की एक टीम ने करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर छात्रों तक पहुंच बनाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है इसलिए पर्यटक और छात्र बारिश के दौरान नदी किनारे जाने से बचें तथा मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही ‘ट्रेकिंग’ या अन्य गतिविधियों की योजना बनाएं। उधर मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून टिहरी पौड़ी और उधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसे देखते हुए संबंधित जिलों के अधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। तेज बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए देहरादून में कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common