लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य की बड़ी युवा आबादी कोई चुनौती नहीं बल्कि सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को कौशल देकर जनसंख्या को आर्थिक विकास की शक्ति में बदल रही है। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को की थीम साझा भविष्य के लिए कौशल” है।
उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि सभी लोगों को समान अवसर मिलें। आदित्यनाथ ने कहा देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश को दुनिया की सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति होने पर गर्व है। लोग अक्सर पूछते हैं कि इतनी बड़ी आबादी चुनौती है या नहीं। यह हमारी ताकत है। हम युवाओं को कौशल देकर इस जनसांख्यिकीय लाभ का उपयोग करेंगे और उन्हें समृद्धि की ओर ले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया। उन्होंने पिछली सरकारों खासकर समाजवादी पार्टी (एसपी) पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था खराब हो गई थी कौशल विकास की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी और युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का भी कोई प्रयास नहीं किया गया।
उन्होंने कहा उस समय असुरक्षा का माहौल था। न महिलाएं सुरक्षित थीं न व्यापारी। युवाओं की पहचान का संकट था। उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर नहीं थे और राज्य के लोगों को बाहर अपनी पहचान के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ता था।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव का नाम लिए बिना उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों पर एक परिवार का कब्जा था और भर्ती में भ्रष्टाचार होता था।” उन्होंने कहा अगर भर्तियां निकलती थीं तो चाचा-भतीजे की जोड़ी पैसे वसूलने निकल पड़ती थी। बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उपजाऊ जमीन भरपूर जल संसाधन और बड़े धार्मिक स्थलों के बावजूद उत्तर प्रदेश को कभी बीमारू राज्य कहा गया।उन्होंने कहा प्रकृति ने हमें गंगा यमुना गोमती राप्ती नारायणी और सरयू जैसी नदियां दी हैं। हमारे पास अयोध्या काशी मथुरा वृंदावन नैमिषारण्य विंध्यवासिनी धाम मनकामेश्वर धाम शाकंभरी धाम और महाकुंभ जैसे धार्मिक स्थल हैं। हमारे पास देश के सबसे प्रतिभाशाली युवा और मेहनती किसान हैं। फिर भी उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बना। इसकी वजह यहां के लोग नहीं बल्कि पिछली सरकारों की सोच थी।
बीमारू शब्द का इस्तेमाल पहले बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए इस्तेमाल किया जाता था। आदित्यनाथ ने कहा कि जो सरकार अपने युवाओं को पलायन के लिए मजबूर करे कारीगरों की उपेक्षा करे और किसानों का अपमान करे उसे शासन करने का अधिकार नहीं है और वह सुशासन पर एक कलंक है।
उन्होंने 2017 के बाद भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए सरकार ने 200 एकड़ जमीन मुफ्त में दी जबकि इसका विरोध हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आसपास के जिलों के लगभग 500 आईटीआई पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग के छात्रों को रोजगार मिला।
उन्होंने कहा यह दिखाता है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी होती है। हमने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए और राज्य के लिए राजस्व भी बढ़ाया। उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री से सरकार को लगभग 65 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में मिले।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common