उप्र: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मेरठ जोन में भारी वाहनों के लिए यातायात परिवर्तित

लखनऊ/मेरठ (उप्र) उत्तर प्रदेश के मेरठ में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर भारी वाहनों के लिए यातायात परिवर्तन मंगलवार की मध्यरात्रि से लागू होगा और 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अपर पुलिस महानिदेशक (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने मंगलवार को बताया कि हल्के और मध्यम श्रेणी के वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तन चार अगस्त की मध्यरात्रि से लागू होगा और 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले लोग दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं हालांकि कांवड़ियों को इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा जाएगा।

भास्कर ने बताया कि कांवड़ियों के लिए पारंपरिक मार्ग निर्धारित किया गया है।उन्होंने बताया “दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले कांवड़िये गाजियाबाद बागपत और मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे। इस मार्ग की कुल लंबाई करीब 200 किलोमीटर है।”

अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 25 000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कांवड़ियों से केवल निर्धारित पारंपरिक मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की है।अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-हरिद्वार राजमार्ग पर चार अगस्त से 12 अगस्त तक सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

भास्कर ने बताया कि मेरठ जोन में कांवड़ यात्रा के 28 प्रमुख मार्गों सहित कुल 969 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र को 36 सुपर जोन 101 जोन और 439 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए पहली बार कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है जिसके तहत 6 955 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और इन्हें एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है।

भास्कर ने बताया कि संचार व्यवस्था मजबूत करने और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए 239 जन-निस्तारण प्रणालियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक समर्पित सोशल मीडिया टीम छह अस्थायी थाने और 134 चौकियां भी स्थापित की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि आपात स्थितियों से निपटने के लिए यूपी-112 के 361 आपातकालीन वाहन भी तैनात किए गए हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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