एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम को मंजूरी, उत्तर प्रदेश के जेवर में लगेगा कारखाना

नयी दिल्ली, सरकार ने एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयुक्त उद्यम को मंजूरी दे दी। यह संयुक्त उद्यम उत्तर प्रदेश के जेवर में 3 706 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से वेफर्स बनाने का कारखाना लगाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रस्तावित एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर संयंत्र मोबाइल फोन लैपटॉप वाहन और अन्य उपकरणों के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाएगा।

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रस्तावित कारखाना प्रति माह 20 000 वेफर्स (सेमीकंडक्टर सामग्री सिलिकन की पतली परत) तैयार करेगा। इससे लगभग 2 000 नौकरियां सृजित होंगी।

वैष्णव ने कहा “मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थापित होने वाले छठे सेमीकंडक्टर संयंत्र को मंजूरी दे दी है। यह एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच डिस्प्ले ड्राइवर चिप बनाने का संयुक्त उद्यम है। ये चिप स्क्रीन पर प्रदर्शित सामग्री की गुणवत्ता और प्रारूप को नियंत्रित करते हैं। यह एक बहुत ही उन्नत प्रौद्योगिकी है जिसे स्थापित किया जा रहा है।” फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सबसे बड़ी विनिर्माता है। यह एप्पल का आईफोन भी बनाती है।

वैष्णव ने कहा “हमारा मानना है कि एक बार यह इकाई यहां आ जाए तो डिस्प्ले पैनल संयंत्र भी भारत आ जाएगा। यह भारत की 40 प्रतिशत क्षमता को पूरा करेगा। यह एक बड़ा संयंत्र है। यह दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए भी फॉक्सकॉन की जरूरतों को पूरा करेगा।”

मंत्री ने कहा कि एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उपक्रम 2027 में चालू हो जाएगा। कुल 3 706 करोड़ रुपये के निवेश से लगाए जा रहे इस संयंत्र से 2 000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग वर्तमान में लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार देता है। वैष्णव ने कहा “सेमीकंडक्टर बुनियादी कलपुर्जा हैं। इसका देश में संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा।

”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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