एनजीटी ने कोसी नदी में प्रदूषण के मामले में सीपीसीबी और यूपीपीसीब से अनुपालन रिपोर्ट तलब की

नयी दिल्ली, राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को रामपुर में औद्योगिक गतिविधियों की वजह से कोसी नदी में हो रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने लिए उपचारात्मक कार्रवाई करने के लिए दिए गए आदेशों के अनुपालन से संबंधित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की पीठ ने कहा कि निष्पादन आवेदन जमीनी तथ्यों के आधार पर सत्यापित उचित कार्रवाई की मांग करती है।

पीठ ने नवीनतम आदेश में कहा, ‘‘उसके अनुकूल अधिकरण आगे की कार्रवाई करेगा। सीपीसीबी और राज्य पीसीबी इस मामले में 18 मार्च 2021 के अधिकरण के आदेश के संदर्भ में स्थिति रिपोर्ट अद्यतन कर अनुपालन स्थिति के साथ जमा कर सकते हैं।’’

अधिकरण ने कहा कि अद्यतन रिपोर्ट की जानकारी अगली सुनवाई से पहले ई्मेल के जरिये दी जाए। इसके साथ ही एनजीटी ने मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ दिसंबर की तारीख तय कर दी।

एनजीटी गाजियाबाद निवासी शैलेश सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें रामपुर जिले में औद्योगिक गतिविधियों से कोसी नदी में हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए उपचारात्मक कार्रवाई के आदेश के संदर्भ में अनुपालन रिपोर्ट तलब करने का आग्रह किया गया था।

गौरतलब है कि मुरादाबाद की बेहला नदी रामपुर की कोसी नदी की सहायक नदी है। कोसी नदी रामगंगा नदी की सहायक नदी है जो गंगा में मिलती है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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