एनयूपी का समर्थन हासिल करने के लिए विवादित अध्यादेश लाने पर विचार कर रहे हैं प्रधानमंत्री देउबा

काठमांडू, नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा सत्ता में बरकरार रहने के उद्देश्य से छोटी पार्टियों को खुश करने के लिए एक विवादित अध्यादेश लाने पर विचार कर रहे हैं जिसमें नागरिक उन्मुक्ति पार्टी (एनयूपी) के सलाहकार रेशम चौधरी जैसे राजनीतिक कैदियों की रिहाई की बात की गई है।

देउबा की नेपाली कांग्रेस नीत पांच दलों का गठबंधन, संसद की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 136 सीटें हासिल करके सामान्य बहुमत पाने से महज दो सीट पीछे है। प्रधानमंत्री की पार्टी इस विवादित अध्यादेश के माध्यम से चौधरी की रिहाई सुनिश्चित करके एनयूपी का समर्थन हासिल करना चाहती है। एनयूपी को 20 नवंबर को हुए आम चुनावों में तीन सीटें मिली हैं।

चौधरी 2015 के टिकापुर नरसंहार के मुख्य साजिशकर्ता होने के नाते पिछले पांच साल से उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इस घटना में नौ लोग मारे गए थे।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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