एलडीएफ की हड़ताल के बीच केरल के राज्यपाल को दिखाए गए काले झंडे

इडुक्की, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को मंगलवार को इडुक्की जिले के थोडुपुझा की यात्रा के दौरान सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) से जुड़े विभिन्न युवा संगठनों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। राज्यपाल खान ने केरल सरकार भूमि आकलन (संशोधन) विधेयक-2023 को मंजूरी नहीं दी है। विधेयक को मंजूरी नहीं दिए जाने के खिलाफ एलडीएफ की हड़ताल के बीच राज्यपाल थोडुपुझा पहुंचे।

राज्यपाल व्यापारियों की संस्था ‘केरल व्यापारी व्यवसायी एकोपना समिति’ द्वारा आयोजित एक समारोह में भाग लेने के लिए आए थे। उनका वाहन जैसे ही पहाड़ी जिले में घुसा, वामपंथी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उन्हें काले झंडे दिखाते हुए उनके वाहन को रोकने का प्रयास किया। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और यूथ फ्रंट सहित वाम मोर्चे के युवा संगठनों के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने उस स्थान की ओर बढ़ने का प्रयास किया जहां राज्यपाल कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।

इससे पहले, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की इडुक्की इकाई के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खान की इस यात्रा के खिलाफ जुलूस निकाला था। जुलूस के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर खान के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए।

इस बीच, समिति की ‘करुणा परिवार कल्याण योजना’ का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह हर हाल में अपने संवैधानिक दायित्वों को पूरा करेंगे।

विधानसभा द्वारा पारित कुछ विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर खान और माकपा नीत सरकार में जारी खींचतान के बीच, राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि वह रबर स्टांप नहीं बल्कि एक लोक सेवक हैं। राज्यपाल ने कहा, ‘‘मैं रबर स्टांप नहीं हूं। मैंने बार-बार कहा है… संवैधानिक कानून को बरकरार रखना मेरा कर्तव्य है। यह देखना मेरा कर्तव्य है कि कोई भी केरल के लोगों के हित और कल्याण से समझौता न करे।’’

खान ने कहा कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय केरल के आम लोगों के हित और कल्याण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। बाद में, अपनी वापसी यात्रा के दौरान खान ने सड़क के किनारे एकत्र कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत की। हालांकि, कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वापस जाते समय भी राज्यपाल को विरोध का सामना करना पड़ा।

विधेयक को मंजूरी नहीं देने को लेकर राज्यपाल खान के खिलाफ सुबह से शाम तक की हड़ताल आयोजित की गई। हड़ताल के दौरान जिले में कई दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर वाहनों की संख्या आम दिनों के मुकाबले कम रही।

एलडीएफ ने पहले नौ जनवरी को राजभवन तक जुलूस निकालने की घोषणा की थी।  केरल सरकार ने इडुक्की जिले के लोगों की दशकों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए 14 सितंबर, 2023 को विधानसभा में यह विधेयक पारित किया था। यह संशोधन विधेयक सरकार को आवास निर्माण और खेती के लिए आवंटित सार्वजनिक भूमि के उपयोग को विनियमित करने का अधिकार प्रदान करेगा।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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