भुवनेश्वर, ओडिशा पुलिस ने राज्य में भांग की खेती को नष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। डीजीपी खुरानिया ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान एक नवंबर को शुरू किया गया था और यह 2026 तक राज्य में भांग की खेती को पूरी तरह से खत्म करने के लिए मार्च 2025 तक जारी रहेगा। खुरानिया ने कहा “इस अभियान के पहले 24 दिनों के दौरान हम अब तक विभिन्न जिलों में 2 375 एकड़ भूमि को इस दायरे में लाने में सक्षम हुए हैं और 28 लाख से अधिक भांग/गांजा के पौधों को नष्ट किया गया है।” डीजीपी ने कहा कि हर दिन कई एकड़ में भांग की फसल नष्ट की जा रही है। पुलिस पहाड़ी क्षेत्रों और घने जंगलों में भांग की खेती का पता लगाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रही है और सैटेलाइट और ड्रोन तस्वीर की मदद ले रही है। पिछले साल ओडिशा पुलिस ने करीब 10 500 एकड़ में भांग की खेती को नष्ट किया था। खुरानिया ने कहा “हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि इस साल हम पिछले साल के प्रदर्शन को पार कर सकें।” डीजीपी ने कहा कि माओवादियों ने राज्य में अपनी वित्तीय ताकत बढ़ाने के लिए ओडिशा के जंगलों में भांग की खेती शुरू की है। उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियां ज्यादातर बड़े जंगलों और पहाड़ी इलाकों वाले जिलों में देखी जाती हैं। खुरानिया ने कहा “कंधमाल बौध गजपति रायगड़ा मलकानगिरी कोरापुट और अन्य पड़ोसी जिले भांग की खेती के केंद्र बन गए हैं।” उन्होंने कहा कि ओडिशा पुलिस युवाओं के भविष्य को बचाने के वास्ते इस बुराई को मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। डीजीपी ने कहा कि भांग की खेती के अलावा ओडिशा पुलिस गांजा व्यापारियों पर भी निशाना साध रही है। इस माह के दौरान अब तक 54 मामलों में 5 300 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common