ओडिशा सरकार विद्यार्थियों को जल्द त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें मुहैया कराएगी: शीर्ष अधिकारी

भुवनेश्वर,  ओडिशा सरकार ने कहा कि वह जल्द ही स्कूली बच्चों को त्रुटिरहित पाठ्यपुस्तकें मुहैया कराएगी और वितरित की जा रही किताबों में गलतियों की संख्या के बारे में किए गए दावों को खारिज कर दिया। स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के सचिव एन. तिरुमाला नाइक ने कहा कि गलतियों की असल संख्या बताए गए आंकड़ों से कहीं कम है।

            विपक्षी दलों ने दावा किया है कि राज्य सरकार द्वारा वितरित की जा रही पहली से आठवीं कक्षा की किताबों में में 1 600 से ज्यादा त्रुटियां-जिनमें वर्तनी संबंधी अशुद्धियां और मशहूर हस्तियों के गलत नाम शामिल हैं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य सरकार की आलोचना की है और आरोप लगाया है कि इस मामले ने सरकार के ‘बेहद लापरवाह और पूरी तरह से असंवेदनशील रवैये’ को उजागर किया है और उड़िया अस्मिता को ठेस पहुंचाई है।

             विपक्ष ने मामले को लेकर स्कूली शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे और पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।

            इस मामले को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नाइक ने कहा  ‘‘राज्य सरकार इन गलतियों और विद्यार्थियों को जल्द से जल्द नयी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने को लेकर गंभीर है। फिलहाल  बच्चे शिक्षकों को दी गई सुधारी हुई प्रति के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे।’’नाइक ने हालांकि स्वीकार किया कि पाठ्यपुस्तकों में गलतियां थीं  लेकिन उन्होंने 1678 त्रुटियां होने के विपक्ष के दावे को सिरे से खारिज कर दिया।

            सचिव ने कहा  ‘‘मीडिया और सोशल मीडिया पर बताई जा रही गलतियों की संख्या सही नहीं है। असल संख्या  बताए गए आंकड़ों से कहीं कम है।’’ हालांकि  उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चिह्नित गलतियों की सही संख्या नहीं बताई। उन्होंने ओडिशा के विद्यार्थियों की पाठ्यपुस्तकों में एक राजस्थानी लोक गीत शामिल करने के औचित्य से जुड़े सवालों को भी टाल दिया।

            नाइक ने कहा कि सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में चिह्नित की गई गलतियों को सुधारने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि विभाग बड़ी गलतियों को ठीक करेगा और नयी किताबें प्रकाशित कर वितरित करेगा।

             उन्होंने कहा  ‘‘विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी गलतियों की समीक्षा कर रहे हैं और लोगों से राय मांगी गई है। ओडिशा स्कूल शिक्षा कार्यक्रम प्राधिकरण (ओएसईपीए) ने अपनी वेबसाइट पर सुधारों की एक सूची जारी की है।’’ नाइक ने कहा कि विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा  ‘‘और लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।’’

            वहीं  नबरंगपुर में  कांग्रेस ने पाठ्यपुस्तकों में गलतियों के विरोध में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया और स्कूली शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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