नयी दिल्ली, सामाजिक संगठन तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 17 जुलाई को तेलंगाना में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। इस साल की शुरुआत में तेलंगाना विधानसभा ने ओबीसी के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण को लेकर एक विधेयक पारित किया था। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 42 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले विधेयक को मंजूरी मिलने में देरी को लेकर कविता ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस नीत तेलंगाना सरकार पर भी निशाना साधा।
तेलंगाना विधानसभा ने इस साल 17 मार्च को शैक्षणिक संस्थानों रोजगार और ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण को 23 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने के लिए दो विधेयक पारित किए थे। इन दोनों विधेयकों को केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता होगी क्योंकि ओबीसी के लिए प्रस्तावित आरक्षण निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक होगा।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता ने कहा ‘‘हम देखते हैं कि राहुल गांधी पूरे देश में ओबीसी के बारे में बात कर रहे हैं। राहुल गांधी ने विधानसभा चुनावों के दौरान वादा किया था कि कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी को 42 प्रतिशत आरक्षण देगी। यह विधेयक राज्य विधानसभा में पारित हो गया है और अब राष्ट्रपति के पास लंबित है।’’
उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि विधेयक को मंजूरी मिले। कविता ने कहा ‘‘ यह विधेयक राष्ट्रपति के पास जा चुका है… मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं वे ओबीसी समुदाय से हैं कृपया सुनिश्चित करें कि यह विधेयक जल्द से जल्द वापस भेजा जाए।’’ कविता ने कहा कि तमिलनाडु मॉडल का अनुकरण किया जा सकता है और यह विधेयक पारित होने के बाद इस कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में जोड़ा जाना चाहिए।
संविधान की नौवीं अनुसूची में केन्द्रीय और राज्य कानूनों की सूची शामिल है जिन्हें अदालतों में चुनौती नहीं दी जा सकती।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common