ओमीक्रोन बीए.2 स्वरूप अपने मूल और डेल्टा वेरिएंट से कम गंभीर: अध्ययन

वाशिंगटन,अमेरिकी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोविड महामारी के दौरान कहर बरपाने वाले कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप की तुलना में ओमीक्रोन का बीए.2 स्वरूप कहीं कम घातक है।

अमेरिका स्थित मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल में जांचकर्ताओं के नेतृत्व में एक शोध दल के मुताबिक ओमीक्रोन के बीए.2 की मारक क्षमता मूल ओमीक्रोन स्वरूप से भी कम है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि तीन मार्च, 2020 से इस साल 20 जून तक अमेरिका में 1,02,315 पुष्ट कोविड-19 मामलों में से, 20,770 मामले डेल्टा स्वरूप, 52,605 मामले ओमीक्रोन के वास्तविक स्वरूप बी.1.1.529 के और ओमीक्रोन बीए.2 स्वरूप के 28,940 मामले थे।

डेल्टा के लिए मृत्यु दर 0.7 प्रतिशत, मूल ओमीक्रोन स्वरूप के लिए 0.4 प्रतिशत और ओमीक्रोन बीए.2 के लिए 0.3 प्रतिशत थी।

शोधकर्ताओं ने कहा कि ओमीक्रोन बीए.2 की तुलना में डेल्टा और मूल ओमीक्रोन संस्करण से मृत्यु की आशंका दो गुना अधिक थी।

यह अध्ययन ‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जेएएमए) नेटवर्क ओपन’ में प्रकाशित हुआ है।

अध्ययन के निष्कर्षो के अनुसार सार्स-सीओवी-2 की गंभीरता कम हो सकती है।

अध्ययन के प्रमुख लेखक, जाचरी स्ट्रैसर ने कहा, ‘‘हालांकि सार्स-सीओवी-2 वायरस में हमेशा अधिक घातक रूप में उत्परिवर्तित होने की क्षमता होती है, जब आप डेल्टा, ओमीक्रोन बीए.2, ओमीक्रोन बीए.1 के हाल के प्रभाव को देखते हैं, तो वायरस आंतरिक रूप से कम गंभीर होता जा रहा है। उम्मीद है कि यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।’’

स्ट्रैसर ने कहा, ‘‘हम कई अन्य सवालों का आकलन करने के लिए अपनी विश्लेषण प्रणाली और पद्धति का उपयोग करना जारी रख सकते हैं। लंबे समय तक कोविड को रोकने पर टीकाकरण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है, या क्या कुछ उपचार कोविड की आशंका को कम करते हैं।’’

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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