कंपनियां कार्यबल बढ़ाने के बजाय एआई, विशेष कौशल को दे रही हैं प्राथमिकता : रिपोर्ट

नयी दिल्ली, कंपनियां अब बड़े पैमाने पर भर्ती करने के बजाय कृत्रिम मेधा (एआई) की समझ रखने वाले  गुणवत्ता और विशेष कौशल वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही है। अपग्रेट की कर्मचारियों की भर्ती के बारे में सूचना देने वाली इकाई अपग्रेड रिक्रूट की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

            ‘भारत में कार्य : वित्त वर्ष 2026-27 भर्ती रुझान’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के अनुसार  देश का नियुक्ति बाजार नए दौर में प्रवेश कर रहा है  जहां कंपनियां संख्या के बजाय गुणवत्ता आधारित भर्तियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

             यह अध्ययन 12 क्षेत्रों के 11 418 वरिष्ठ मानव संसाधन  प्रतिभा प्रबंधन और कारोबारी अधिकारियों की राय पर आधारित है।

             अपग्रेड रिक्रूट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हुसैन टिनवाला ने कहा  ‘‘भारत का भर्ती परिदृश्य अब संख्या आधारित नहीं बल्कि सटीकता पर केंद्रित हो रहा है। एआई आधारित अर्थव्यवस्था में टिकाऊ वृद्धि इस बात से परिभाषित नहीं होगी कि किसी कंपनी में कितने लोग कार्यरत हैं  पर इससे होगी कि वे कैसे जरूरत के हिसाब से प्रतिभाओं की पहचान और चयन करती हैं।’’ 

             रिपोर्ट के मुताबिक  लगभग 10 में से आठ कंपनियां अपने निर्धारित भर्ती लक्ष्य हासिल नहीं कर सकीं। इससे स्पष्ट होता है कि वर्तमान चुनौती योग्य प्रतिभा की उपलब्धता से अधिक भर्ती प्रक्रिया के क्रियान्वयन से जुड़ी है।

             रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन से आठ वर्ष का अनुभव रखने वाले पेशेवर विभिन्न क्षेत्रों में सबसे अधिक मांग वाले कर्मचारी बनकर उभरे हैं। वहीं  सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं और वैश्विक क्षमता केंद्रों में हो रहे पुनर्गठन के कारण अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना बनी है।

             रिपोर्ट के अनुसार  70 प्रतिशत कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भर्ती की स्थिति को स्थिर मानती हैं  लेकिन महत्वपूर्ण पदों को भरने में आठ से 12 सप्ताह से लेकर 12 से 20 सप्ताह तक का समय लग रहा है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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