शेरब्रुक (कनाडा), कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने क्यूबेक अल्बर्टा और सस्केचेवान को देश से अलग होने की एलन मस्क की अपील को खारिज करते हुए कहा कि कनाडा का भविष्य वहां के नागरिक ही तय करेंगे। मस्क की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कार्नी ने कहा ‘‘कनाडा का भविष्य यहां के नागरिक उनकी प्राथमिकताएं और क्यूबेक के लोगों की आकांक्षाएं तय करेंगी।’’
कार्नी ने कहा कि कनाडा के नागरिकों को अपनी भाषा और संस्कृति के अनुरूप जीवन जीने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘हमें विदेशी सरकारों या बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। उन्हें यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वे तय कर सकती हैं कि हमें क्या करना चाहिए।’’
मस्क ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर क्यूबेक के भावी प्रीमियर पॉल सेंट-पियरे प्लामोंडोन से संबंधित एक पोस्ट पर टिप्पणी करके कनाडा में अलगाववाद की बहस को हवा दे दी थी। अलगाववादी विचारधारा वाली प्लामोंडोन की पार्टी ‘पार्टी क्यूबेकॉस’ ने सोमवार को प्रांतीय चुनाव में जीत हासिल की थी।
हालांकि पार्टी क्यूबेकॉस (पीक्यू) की जीत को क्यूबेक की स्वतंत्रता के पक्ष में जनादेश नहीं माना जा सकता। पार्टी को लगभग 28 प्रतिशत मत मिले और वह क्यूबेक के सदन में बहुमत हासिल करने से पीछे रह गई। मॉन्ट्रियल स्थित मैकगिल विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डैनियल बेलैंड के अनुसार क्यूबेक की स्वतंत्रता के पक्ष में जनसमर्थन अब भी लगभग 30 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अलगाववाद के समर्थन का संकेत नहीं हैं बल्कि ये मौजूदा ‘कोलिशन एवेनिर क्यूबेक’ सरकार को सत्ता से हटाने के लिए लोगों के आक्रोश को दर्शाते हैं। मस्क ने सोशल मीडिया पर लिखा था ‘‘बहुत बढ़िया। क्यूबेक को अलग हो जाना चाहिए। अलग होकर उसकी स्थिति बेहतर होगी। अल्बर्टा और सस्केचेवान को भी अलग हो जाना चाहिए।’’
अल्बर्टा में 19 अक्टूबर को इस बात पर मतदान होना है कि प्रांत को कनाडा का हिस्सा बने रहना चाहिए या अलग होने के मुद्दे पर भविष्य में जनमत संग्रह कराने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह कनाडा का हिस्सा बने रहने के पक्ष में मतदान करेंगी।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common