नयी दिल्ली, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बेंगलुरु में एक ग्रासलैंड रिजर्व की घोषणा का हवाला देते हुए बुधवार को कहा कि कर्नाटक सरकार इस बात का उदाहरण है कि कैसे आर्थिक विकास सामाजिक विकास और पारिस्थितिकी स्थिरता साथ-साथ चल सकते हैं।रमेश ने यह भी कहा कि कर्नाटक अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल है।पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया मई 2023 से कर्नाटक सरकार राज्य में बहुत सारे नए निवेश आकर्षित कर रही है। यह ऐतिहासिक आय सहयोग खाद्य सुरक्षा और अन्य गारंटी भी लागू कर रही है।
उनके मुताबिक अब कर्नाटक सरकार ने वन्य जीवन (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत बेंगलुरु शहरी जिले के येलहंका तालुक में लगभग 5 700 एकड़ सरकारी भूमि को ग्रेटर हेसरघट्टा ग्रासलैंड कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करने का साहसिक निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह ग्रासलैंड रिजर्व कई कारणों से महत्वपूर्ण है। यह एक बड़े जलग्रहण क्षेत्र के रूप में आसपास के गांवों के किसानों के लिए भूजल पुनर्भरण में बहुत मदद करेगा और एक बड़े जलग्रहण क्षेत्र के रूप में यह बेंगलुरु शहर में पानी की आपूर्ति बढ़ाएगा। रमेश का कहना है कि यह एक प्राकृतिक कार्बन सिंक प्रदान करेगा जो शहरी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करेगा ।
उन्होंने कहा यह एक समृद्ध जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करता है जिसमें जानवर कीड़े-मकौड़े पौधे और पेड़ शामिल हैं जिनमें से कई गंभीर खतरे में हैं। यह यूरोप मध्य एशिया हिमालयी क्षेत्रों और आर्कटिक सर्कल से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि कर्नाटक सरकार यह प्रदर्शित कर रही है कि कैसे आर्थिक विकास सामाजिक विकास और पारिस्थितिकी स्थिरता साथ-साथ चल सकते हैं जैसा कि वास्तव में उन्हें हर समय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common