श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में मजदूरों के एक शिविर पर हुए आतंकवादी हमले की सोमवार को मीरवाइज उमर फारूक सहित हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कई नेताओं ने निंदा की। हुर्रियत ने एक बयान में कहा “अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक और प्रोफेसर घनी भट बिलाल घनी लोन और मसरूर अब्बास अंसारी सहित हुर्रियत के वरिष्ठ सदस्य गगनगीर में हुए वीभत्स हादसे पर गहरा दुख एवं संवेदना जताते हैं।” मीरवाइज ने जोर देकर कहा कि इस्लाम इस अमानवीय घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता है। उन्होंने कहा “हर जिंदगी कीमती है और इस तरह से जान गंवाना बेहद दर्दनाक है।”मीरवाइज ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह हिंसा और अनिश्चितता के अंतहीन चक्र की याद दिलाता है जिसे क्षेत्र के लोग दशकों से झेल रहे हैं। हुर्रियत अध्यक्ष ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की दुआ की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि चुनाव या अंतरराष्ट्रीय मैराथन जैसे बड़े आयोजन ‘इस सच्चाई को नहीं छिपा सकते कि कश्मीर में एक ऐसी समस्या है जिसे हल करने के लिए वास्तविक प्रयासों की आवश्यकता है’। उन्होंने कहा “” चुनाव मैराथन या फिर नयी सरकार का शपथ ग्रहण। इनमें से कोई भी चीज इस सच्चाई को नहीं छिपा सकते या फिर नजरअंदाज नहीं कर सकते जो घिनौनी है। इल्तिजा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया “कश्मीर में एक ऐसी समस्या है जो दशकों से निर्दोष लोगों की जान ले रही है और यह तब तक जारी रहेगी जब तक हम इसे स्वीकार नहीं करते और इसे हल करने के लिए वास्तविक प्रयास नहीं करते।” गांदरबल जिले के गुंड में एक निर्माणाधीन सुरंग में हुए आतंकी हमले में एक स्थानीय चिकित्सक और छह गैर-स्थानीय मजदूरों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए।इल्तिजा मुफ्ती ने कहा “कितने परिवारों और पीढ़ियों को दिल्ली की अनदेखी की कीमत चुकानी पड़ेगी।”क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common