तिरुवनंतपुरम, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लागू करने के निर्वाचन आयोग के कदम पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की ‘‘चुप्पी’’ को लेकर सवाल उठाया। वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा कि जहां ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) में शामिल मुख्यमंत्रियों ने एसआईआर का विरोध किया है वहीं विजयन ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उन्होंने कहा ‘‘एम के स्टालिन ममता बनर्जी और हेमंत सोरेन ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी मुख्यमंत्रियों ने एसआईआर के खिलाफ बोला है। यहां तक कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई है। लेकिन केरल के मुख्यमंत्री ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।’’
इस महीने की शुरुआत में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचन आयोग के फैसले की आलोचना की थी और स्थानीय निकाय चुनावों के नजदीक आने के साथ ही इस समय एसआईआर को ‘‘अव्यावहारिक’’ बताया था। स्थानीय स्वशासन विभाग (एलएसजीडी) के चुनावों की तारीख की घोषणा अभी बाकी है।
केपीसीसी ने कहा कि केरल में एसआईआर 2002 की मतदाता सूची के आधार पर किया जा रहा है और 2025 की सूची से 53.25 लाख नाम बाहर कर दिए गए हैं।
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने भी आरोप लगाया कि एसआईआर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को बाधित करने की ‘‘भाजपा की चाल’’ है और कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट’ (यूडीएफ) इसका कड़ा विरोध करेगा।
इसकी प्रतिक्रिया में केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग से एसआईआर को स्थगित करने का आग्रह किया है।
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