कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने बुधवार को नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय, इंदिरा भवन में हुई बैठक के दौरान चार अहम मुद्दों पर चर्चा की। इन मुद्दों में पेपर लीक, कथित “चंदा चोरी”, अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियां और परिसीमन शामिल थे।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वर्किंग कमेटी के सदस्य शामिल हुए।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि CWC ने पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और इस मुद्दे पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया पर गौर किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संसद में इस मामले पर सरकार को घेरा है और पार्टी का “छात्रों की गूंज” अभियान 800 से ज़्यादा शहरों में जारी रहेगा।
CWC ने उस मुद्दे पर भी चर्चा की जिसे कांग्रेस ने “चंदा चोरी” का नाम दिया है। वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को ज़मीनी स्तर तक ले जाएगी। बैठक में अरुणाचल प्रदेश में चीन से जुड़े हालात पर भी चर्चा हुई और कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। परिसीमन (डिलिमिटेशन) चौथा बड़ा मुद्दा था जिस पर CWC ने चर्चा की।
CWC ने केरल की जनता का भी आभार जताया जिन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को जनादेश दिया, जिससे कांग्रेस के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बनी।
तमिलनाडु का ज़िक्र करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में चुनाव के बाद गठबंधन सरकार बनाई और दावा किया कि इस गठबंधन ने सत्ता हासिल करने की BJP की कोशिशों को नाकाम कर दिया।
कांग्रेस ने अपने संगठन को मज़बूत करने के अभियान, “संगठन सृजन अभियान” की भी समीक्षा की। वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी देश भर में बूथ लेवल से लेकर राज्य लेवल तक संगठन से जुड़ी प्रक्रिया को अगले दो महीनों में, यानी 31 अक्टूबर से पहले पूरा कर लेगी।