तिरुवनंतपुरम पांच फरवरी (भाषा) केरल महिला आयोग की अध्यक्ष पी सतीदेवी ने बुधवार को कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम (पॉश) अधिनियम के लागू होने के 12 साल बाद भी अधिकांश प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारियों के बीच इस कानून के बारे में जागरूकता बहुत सीमित है। आईटी कर्मचारियों और ‘टेक्नोपार्क’ के गैर-तकनीकी कर्मचारियों के लिए पॉश अधिनियम पर केरल महिला आयोग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सतीदेवी ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संस्थान में निगरानी प्रणाली की स्थापना की वकालत की। यह कार्यक्रम केरल महिला आयोग के राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा था जिसका उद्देश्य पॉश अधिनियम 2013 के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस कानून का उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाना है। सतीदेवी ने कहा कि महिलाएं घर में कार्यस्थल पर और यहां तक कि यात्रा के दौरान भी विभिन्न प्रकार के शोषण भेदभाव और उत्पीड़न का शिकार होती हैं। पूर्व सांसद सतीदेवी ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं इस कानून के प्रति जागरूक हों और हर संस्थान को कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक निगरानी प्रणाली स्थापित करनी चाहिए।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common