प्रतिबंधित संगठनों के साथ समझौतों से त्रिपुरा में शांति एवं समृद्धि आई है: शाह

अगरतला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठनों के साथ समझौतों से त्रिपुरा में शांति एवं समृद्धि आई है। अगरतला में त्रिपुरा सरकार के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को नयी दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने पिछले सात वर्षों में कांग्रेस एवं वाममोर्चा के कई दशकों के शासन की तुलना में अधिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा ‘‘पिछले 10 वर्षों में प्रतिबंधित संगठनों के साथ हुए तीन समझौतों से त्रिपुरा में शांति और समृद्धि आई है।’’केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्तमान में त्रिपुरा में कोई उग्रवादी नहीं बचा है क्योंकि उग्रवादी संगठनों के सभी सदस्यों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने कहा ‘‘ब्रू लोगों को त्रिपुरा में स्थायी रूप से बसाया गया है और सरकार उन्हें शिक्षा स्वास्थ्य और आजीविका प्रदान कर रही है।’’ भाजपा नेता इस बात पर जोर देते रहे हैं कि पिछले कुछ वर्षों में त्रिपुरा और देश के बाकी हिस्सों के बीच भूमि हवाई और रेल संपर्क में सुधार हुआ है। भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन 2018 से राज्य में शासन कर रहा है। शाह ने दावा किया कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास की गति बढ़ी है। उन्होंने कहा ‘‘पहले पूर्वोत्तर नाकेबंदी मादक पदार्थों हथियारों की तस्करी और झड़पों का पर्याय था लेकिन अब यह क्षेत्र विकास संपर्क निवेश और कृषि के लिए जाना जाता है। मोदी जी के शासन में केंद्रीय मंत्रियों ने इस क्षेत्र का 700 बार दौरा किया है।’’ शाह ने बिना किसी भेदभाव के ‘मल्टी-टास्किंग स्टाफ’ (ग्रुप डी) के 2 806 पदों के लिए भर्ती अभियान पूरा करने की खातिर माणिक साहा सरकार को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि उनकी सरकार न केवल सरकारी बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी नौकरियां पैदा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा ‘‘पिछले सात वर्षों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए विभिन्न सरकारी विभागों में 16 451 रिक्त पदों को भरा गया है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग और अनुबंध के आधार पर भी पर्याप्त भर्तियां की गई हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘सरकार ने सरकारी और निजी क्षेत्र में युवाओं की खातिर अधिक रोजगार सुनिश्चित करने के लिए पहल की है।’’ साहा ने कहा कि लगभग नौ लाख लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहकारिता से जुड़े हुए हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common

%d bloggers like this: