मुंबई, महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले विपक्षी दलों ने सोमवार को देवेंद्र फडणवीस नीत सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर की सीढ़ियों पर जोरदार प्रदर्शन किया और न्यूनतम शर्तों के साथ किसानों की पूर्ण कर्ज माफी की मांग की।
शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे अंबादास दानवे और कांग्रेस के सतेज पाटिल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने मांग की ‘‘किसानों को पूरी तरह से कर्ज माफी मिलनी चाहिए और सरकार को इसे तुरंत लागू करना चाहिए।’’
राज्य सरकार ने पहले ही किसानों के लिए कर्ज माफी योजना की घोषणा की है लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के साथ जोड़ी गईं कई सख्त शर्तों के कारण कई पात्र लाभार्थी इसके लाभ से वंचित रह जाएंगे। इससे पहले इसी माह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी योजना से ‘‘कड़े’’ नियमों को हटाने और किसानों के लिए एकमुश्त कर्ज माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
दो जून को महाराष्ट्र कैबिनेट ने 36 585 करोड़ रुपये की कृषि कर्ज माफी योजना को मंजूरी दी थी जिससे करीब 56 लाख किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। इस योजना का नाम ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्ज-मुक्ति योजना’ रखा गया है जिसके तहत दो लाख रुपये तक की कृषि ऋण माफी का प्रावधान है।
इस योजना के तीन मुख्य हिस्से हैं- कर्ज माफी एकमुश्त समाधान (ओटीएस) और प्रोत्साहन लाभ। इसके अलावा पात्रता के लिए भूमि के क्षेत्रफल को लेकर कोई सीमा तय नहीं है।
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