नयी दिल्ली, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ हुई एक बैठक में पंजाब में धान-केंद्रित खेती के विकल्पों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। चौहान ने कहा ‘‘आज की बैठक बहुत ही सकारात्मक रचनात्मक और समाधान-उन्मुख रही जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई और फसल विविधीकरण सबसे महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने आया।’’
पंजाब की ज़मीन इतनी उपजाऊ और उत्पादक है कि धान के व्यावहारिक विकल्प के तौर पर कई दूसरी फसलों की सफलतापूर्वक खेती की जा सकती है। कृषि मंत्रालय के बयान के अनुसार चौहान ने कहा ‘‘इस समय की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि धान-केंद्रित खेती के विकल्पों को जोर-शोर से बढ़ावा दिया जाए ताकि पंजाब को पानी की कमी और मिट्टी के खराब होने जैसे आसन्न संकटों से बचाया जा सके।’’
उन्होंने कहा कि पंजाब जिसे ऐतिहासिक रूप से ‘‘पांच नदियों की धरती’’ के रूप में जाना जाता है उसे एक जल-समृद्ध क्षेत्र के रूप में संरक्षित किया जाना चाहिए इसलिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। इस मुद्दे पर मिलकर आगे बढ़ने के लिए केंद्र सरकार और पंजाब के बीच व्यापक सहमति बन गई है।
चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common