गुवाहाटी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को सुधारोन्मुखी बजट करार देते हुए उसकी सराहना की और कहा कि इससे राज्य सहित देश के समूचे पूर्वी क्षेत्र को सार्थक रूप से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में भारत की वैश्विक आकांक्षाओं और जमीनी स्तर के विकास के बीच एक अच्छा संतुलन बनाए रखा गया है।
शर्मा ने एक्स पर कई पोस्ट कर केंद्रीय बजट के कई बिंदुओं को सूचीबद्ध किया और इस बात पर बल दिया कि असम को कई पहलुओं में लाभ होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया गया।
शर्मा ने कहा ‘‘ विकसित भारत बजट-2026 प्रस्तुत करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई। यह बजट भारत की वैश्विक आकांक्षाओं और जमीनी स्तर के विकास के बीच एक उत्कृष्ट संतुलन स्थापित करता है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 एक सुधारोन्मुखी बजट है और इससे राज्य सहित देश के समूचे पूर्वी क्षेत्र को सार्थक रूप से लाभ होगा। असम में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा ‘‘बजट से स्वयं सहायता केंद्रों (एसएचई-मार्ट्स) की घोषणा से एमएमयूए के अंतर्गत लखपति दीदियों का एक सशक्त तंत्र बनाने की दिशा में असम के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। ’’
शर्मा ने कहा कि बजट में कौशल विकास पर बल दिया जाना स्वास्थ्य सेवा कृत्रिम बुद्धिमता और संबद्ध क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों के केंद्र के रूप में उभरने के असम के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘ इस बजट में राज्यों को पूंजी निवेश के लिये विशेष सहायता के तहत दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे असम में बुनियादी ढांचागत गतिविधियों में तेजी आएगी।’’
मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि वित्त वर्ष 2027 के बजट में पूर्वोत्तर के विकास के लिए 6 812 करोड़ रुपये का प्रावधान है जो इस क्षेत्र पर मोदी सरकार के निरंतर ध्यान को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि बजट में राजकोषीय अनुशासन और मूल्य स्थिरता पर लगातार बल देना भी उतना ही सराहनीय है।
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common