केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 01 नवंबर 2026 को भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 स्तूपों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया। इस समारोह का नेतृत्व भूटान के महाराज (किंग) ने किया था। 108 स्तूपों के इस कार्यक्रम में रिजिजू की उपस्थिति भारत और भूटान के लोगों के बीच साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों तथा गहरी मित्रता को दर्शाती है।108 स्तूपों की यह परियोजना भूटान के महाराज की परिकल्पना थी, जिन्होंने इसके क्रियान्वयन का मार्गदर्शन भी किया। एक ही दिन में, हजारों स्वयंसेवकों ने 108 स्तूप खड़े किए।
असम सीमा के पास गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में ‘आई (माउ)’ नदी के किनारे 11.7 किलोमीटर के दायरे में स्थापित इन स्तूपों में से प्रत्येक की ऊंचाई 15 मीटर है और इनके बीच 108 मीटर की दूरी है। इस परियोजना का उद्देश्य गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को वज्रयान बौद्ध धर्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करना है, साथ ही यह भूटानी लोगों के मूल्यों और संस्कृति को भी दर्शाता है।भूटान के महाराज, भूटान के प्रधानमंत्री और मंत्री रिजिजू ने 76वें स्तूप पर प्रार्थना की। भूटान के महाराज ने यह स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया, जो गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के प्रति उनके समर्पण और निरंतर समर्थन को दर्शाता है।
श्री रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से, इस परियोजना के तहत एक स्तूप समर्पित करने के लिए भूटान के महाराज का आभार व्यक्त किया।31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक अपनी भूटान यात्रा के दौरान, रिजिजू ने भूटान के महाराज जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे से भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता और विकास सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, निवेश, कनेक्टिविटी तथा सांस्कृतिक संबंधों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के सकारात्मक रुझान की सराहना की।
रिजिजू ने ‘गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ (Gelephu Mindfulness City) जैसी दूरदर्शी परियोजना के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। साथ ही, उन्होंने भारत और भूटान के बीच के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में इस परियोजना की भूमिका पर भी जोर दिया।https://x.com/KirenRijiju/status/2116867985264853170/photo/2