केरल के राज्यपाल ने अनुचित तरीके से काम किया: माकपा ने नीतिगत संबोधन जल्द समाप्त करने पर कहा

तिरुवनंतपुरम, केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान पर एक दिन पहले विधानसभा में सरकार का पारंपरिक नीतिगत संबोधन जल्दी समाप्त करने को लेकर हमला बोला और कहा कि उन्होंने ‘‘अनुचित’’ तरीके से काम किया।

माकपा के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल अपने पद की प्रतिष्ठा के अनुसार कार्य नहीं कर रहे थे, जबकि राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने खान को ‘‘अहंकारी’’ करार दिया। गोविंदन ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि खान ने विधानसभा के समक्ष सरकार का नीतिगत संबोधन प्रस्तुत किया था, लेकिन यह ‘‘तकनीकी तरीके’’ से किया गया, जो पिछले राज्यपालों की पुरानी प्रथाओं से अलग था। माकपा नेता ने दावा किया, ‘‘उन्होंने (खान) उस तरह का व्यवहार नहीं किया जैसा एक राज्यपाल को करना चाहिए। उनके कार्य, उनके पद की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं थे और यह सभी के सामने स्पष्ट हो गया था। यह उनके द्वारा अपनाया गया एक अनुचित रुख था।’’

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि खान को कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी, जिसके कारण वह पूरा नीतिगत भाषण नहीं पढ़ सके, क्योंकि वह आज 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भाषण देने में सक्षम थे। इस बीच, शिवनकुट्टी ने एक बयान में कहा कि केरल राज्यपाल के ‘‘अहंकार’’ के आगे नहीं झुकेगा।

मंत्री ने आरोप लगाया कि यह संदेह करना गलत नहीं होगा कि राजभवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है, क्योंकि राज्यपाल ने अपने गणतंत्र दिवस के भाषण में अधिकांश समय केंद्र सरकार की प्रशंसा की।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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