तिरुवनंतपुरम, केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक वी डी सतीशन ने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान एक गिरोह ने राज्य में 1 100 करोड़ रुपये की ‘जीएसटी धोखाधड़ी’ की। उन्होंने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि आम लोगों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना पंजीकरण संख्या प्राप्त की गई और फर्जीवाड़ा करने वालों के खातों के माध्यम से लेनदेन किया गया।
सतीशन ने आरोप लगाया ‘‘धोखाधड़ी करने वालों ने 1 110 करोड़ रुपये का लेनदेन किया था। अकेले इस मामले में सरकारी खजाने को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ लेकिन सरकार ने अपराधियों का पता लगाने के लिए कोई और जांच नहीं की।’’
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि पुणे स्थित माल एवं सेवा कर (जीएसटी) खुफिया विभाग से धोखाधड़ी की सूचना मिलने के बाद उसने सिर्फ पंजीकरण रद्द कर दिए। कांग्रेस नेता ने कहा ‘‘धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों को भी अब तक इसकी जानकारी नहीं दी गई है।’’
सतीशन ने इस मामले में कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले राज्य जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा ‘‘अनौपचारिक जानकारी के अनुसार राज्य में अब भी 1 000 से ज्यादा ऐसे फर्जी जीएसटी पंजीकरण सक्रिय हैं जिनके जरिए लेन-देन हो रहा है।’’
कांग्रेस नेता ने केरल में जीएसटी प्रशासन की ‘दयनीय स्थिति’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी डेटा पंजीकरण को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया ‘‘न केवल कर धोखाधड़ी बल्कि डेटा चोरी भी हो रही है।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
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