विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भविष्य अलग होगा और ‘‘केवल भारत ही वैश्विक समुदाय को सेवाएं प्रदान कर सकता है।’’बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम में ई-गवर्नेंस पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि कुछ देश बढ़ती उम्र की जनसंख्या के संकट से जूझ रहे हैं और उन्होंने संकेत दिया कि प्रौद्योगिकी होने के बावजूद उनके पास इसका उपयोग करने वाले लोग नहीं हैं।
नायडू ने कहा ‘‘मैं आपको बता रहा हूं कि भविष्य अलग होगा। केवल भारत ही वैश्विक समुदाय को सेवाएं प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि यूरोप जापान और कई अन्य देशों में नर्सों चिकित्सकों और प्रौद्योगिकी को संभालने वाले लोगों की कमी है जो बढ़ती उम्र की आबादी के संकट का सामना कर रहे हैं।’’ इस संकट की तुलना भारत से करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी आबादी 143 करोड़ लोगों का लाभ मिलता है और इसे एक विशाल बाजार बताया। नायडू ने कहा कि चीन की केवल 130 करोड़ आबादी है।
स्वदेशी आंदोलन का उल्लेख करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए नायडू ने कहा कि अगर स्वदेशी पर पहले ध्यान केंद्रित किया जाए तो हम बड़े ब्रांड बना सकते हैं।
उन्होंने कहा ‘‘फिर अगर आप विस्तार कर सकें हर चीज का उत्पादन कर सकें तो हम वैश्विक मांग को भी पूरा कर सकते हैं। यह निकट भविष्य में होने वाला है।’’ इसके अलावा नायडू ने कहा कि दक्षिणी राज्य क्वांटम कंप्यूटर बनाने के लिए एक तंत्र विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आईबीएम और टीसीएस जैसी कंपनियां इस पहल में शामिल हो गई हैं।
उन्होंने कहा ‘‘हमने पहल की अब क्वांटम कंप्यूटर आ रहा है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि दो साल के भीतर भारत क्वांटम कंप्यूटर का उत्पादन करेगा और हम निकट भविष्य में निर्यात करेंगे और घरेलू प्रतिस्पर्धा का सामना करेंगे। यह अब होने जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिलिकॉन वैली है और भारत में क्वांटम वैली है जो अमरावती है। उन्होंने कहा कि जनवरी तक भारत क्वांटम कंप्यूटिंग वाले देशों के समूह में शामिल हो जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार केवल छह से सात देशों के पास ही क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमताएं हैं। उन्होंने क्वांटम वैली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को एक प्रभावशाली संयोजन बताया।
उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि एआई मशीन लर्निंग ब्लॉकचेन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी प्रौद्योगिकियां सरकारों के सोचने और कार्य करने के तरीके को नये सिरे से परिभाषित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 दूर नहीं है केवल 22 वर्ष दूर है। नायडू ने विश्वास जताया कि भारत दुनिया में नंबर एक देश बनकर उभरेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए नायडू ने उन्हें सही जगह पर सही नेता बताया जो तकनीक और उसकी शक्ति को समझते हैं।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common