प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने आज एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV), यानी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी बनाने को मंज़ूरी दी।(ITLA) का मकसद ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के बड़े क्षेत्रों में रिसर्च, प्लानिंग, मूल्यांकन, मॉनिटरिंग और असर के आकलन को मज़बूत करना है।इस मंज़ूरी का मकसद ट्रांसपोर्ट से जुड़े कई मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बिखरी हुई प्लानिंग और लागू करने की प्रक्रिया से पैदा होने वाली लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों से निपटना है। बेहतर तालमेल और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन को बढ़ावा देकर, ITLA से भारत में ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की क्षमता, सस्टेनेबिलिटी और असर को बेहतर बनाने की उम्मीद है।ITLA की मुख्य भूमिकाएँ और ज़िम्मेदारियाँ इस प्रकार होंगी:• नेशनल एपेक्स इंस्टीट्यूशन:
ITLA इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट मूल्यांकन और मॉनिटरिंग, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स के लिए मुख्य संस्था के तौर पर काम करेगा।•
लंबे समय का नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान: ITLA दस साल या उससे ज़्यादा की प्लानिंग अवधि वाला एक व्यापक नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करेगा, जिसमें सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, सिविल एविएशन, इनलैंड वॉटरवे, कोस्टल शिपिंग, शहरी मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे।• इंटीग्रेटेड प्लानिंग फ्रेमवर्क: ITLA ट्रांसपोर्ट मंत्रालयों की छोटी अवधि की सेक्टर-विशिष्ट योजनाओं (लगभग 5 साल) और सालाना योजनाओं का मूल्यांकन करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान के अनुरूप हों
और मल्टी-मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा दें।• बड़े प्रोजेक्ट्स का तकनीकी मूल्यांकन: ITLA भारत सरकार के 500 करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा लागत वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का तकनीकी मूल्यांकन करेगा। वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा वित्तीय मूल्यांकन प्रणालियों के ज़रिए ही किया जाता रहेगा• मॉनिटरिंग और असर का आकलन: ITLA 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा के ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लागू होने की मॉनिटरिंग करेगा और समस्याओं के समाधान के लिए एक समन्वित प्रणाली प्रदान करेगा, साथ ही इन प्रोजेक्ट्स के लागू होने के बाद उनके असर का आकलन भी करेगा।• नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी (NTDR): ITLA कई स्रोतों से संबंधित ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स डेटासेट (जैसे GSTN ई-वे बिल, FASTag, वाहन, GPS-आधारित सिस्टम, शहरी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य संबंधित डेटाबेस) प्राप्त करके एक एकीकृत ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी बनाएगा और प्लानिंग, मॉनिटरिंग और असर के आकलन के लिए डेटा एनालिटिक्स (जैसे फ्रेट फ्लो/O-D एनालिटिक्स) करेगा।• नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी (2022) की समीक्षा और उसे अपडेट करने के लिए सलाह और सहायता देना।•
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में क्षमता निर्माण, ट्रेनिंग और स्किलिंग।
• ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना।ITLA की स्थापना भारत के ‘विज़न 2047’ को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी। यह मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मज़बूत करके, इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता को बेहतर बनाकर, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करके और भारत की ग्लोबल लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर ऐसा करेगी।
ITLA रिसर्च, प्लानिंग, बिग डेटा इंटीग्रेशन, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग और मूल्यांकन के लिए संस्थागत क्षमता का निर्माण करेगा, साथ ही क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) को अपनाने में मदद करेगा।https://en.wikipedia.org/wiki/Narendra_Modi#/media/File:The_official_portrait_of_Shri_Narendra_Modi,_the_Prime_Minister_of_the_Republic_of_India.jpg