कैबिनेट ने ₹53,428 करोड़ के सामाजिक सहायता कार्यक्रम और रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक, यानी पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए कुल ₹53,428 करोड़ का बजट तय किया गया है। इसके साथ ही, मंत्रिमंडल ने 11,40,770 रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर ‘प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस’ (PLB) को भी मंजूरी दी, जिस पर ₹2,009.61 करोड़ का खर्च आएगा।सामाजिक सहायता से जुड़े फैसले के तहत, NSAP का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ कर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत आने वाली योजनाओं के नाम भी बदल दिए जाएंगे।

‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना’ अब ‘प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना’ कहलाएगी, ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना’ का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना’ होगा, और ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना’ को ‘प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना’ कहा जाएगा। ‘राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना’ का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना’ कर दिया जाएगा।कैबिनेट ने दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता और सहायता राशि में बदलाव को मंजूरी दे दी है।

दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत, 79 वर्ष तक की आयु वाले लाभार्थियों को ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों को ₹625 की सहायता दी जाएगी। पात्रता के लिए दिव्यांगता की सीमा को मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, न्यूनतम आयु की शर्त को भी हटा दिया गया है, जिससे जन्म से ही पात्रता मिल सकेगी।वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजनाएं अपने मौजूदा स्वरूप में ही जारी रहेंगी। इस फैसले से सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 3.20 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। दिव्यांगजन पेंशन की संशोधित पात्रता, लाभार्थियों के दायरे और सहायता राशि से जुड़ी गाइडलाइंस तीन महीने के भीतर जारी कर लागू कर दी जाएंगी।15 अगस्त 1995 को शुरू की गई NSAP, संविधान के ‘राज्य के नीति निर्देशक तत्वों’ के अनुच्छेद 41 के तहत केंद्र सरकार की जिम्मेदारी को पूरा करते हुए गरीब परिवारों को सहायता प्रदान करती है।

यह कार्यक्रम पूरे देश में एक समान सहायता सुनिश्चित करने के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता देता है। दिव्यांगजन पेंशन में किए गए ये बदलाव ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के प्रावधानों के अनुरूप हैं, जिसमें 40 प्रतिशत दिव्यांगता को मानक माना गया है और दिव्यांगता से जुड़ी सहायता राशि अन्य श्रेणियों की समान योजनाओं की तुलना में कम से कम 25 प्रतिशत अधिक रखी गई है।एक अन्य फैसले में, कैबिनेट ने कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोनस को भी मंजूरी दे दी है। लगभग 11.40 लाख पात्र नॉन-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को यह भुगतान मिलेगा, जिसमें प्रति कर्मचारी अधिकतम ₹17,951 (78 दिनों के लिए) की राशि शामिल है।

लाभार्थियों में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर या गार्ड, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, तकनीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और अन्य ग्रुप C कर्मचारी शामिल हैं। यह बोनस हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियों से पहले दिया जाता है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को रेलवे के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए प्रोत्साहित करना है।जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 2025–26 के दौरान रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की और लगभग 7.41 अरब यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया।https://en.wikipedia.org/wiki/Indian_Railways#/media/File:Mumbai_Central_Ahmedabad_Shatabdi_Express_-_Anubhuti_coach_-_K1.jpg

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