कोयला खनन के क्षेत्र में परियोजना वित्तपोषण पर बन सकती है नीति: अधिकारी

कोलकाता, निजी वाणिज्यिक खनन परियोजनाओं के विकास पर पर्यावरण की चिंता और ऐसी परियोजनाओं को लेकर विरोध के बीच सरकार कोयला खनन के क्षेत्र में परियोजना वित्तपोषण को लेकर नीति जल्द ला सकती है ताकि ऐसी परियोजनाओं के विकास को समर्थन दिया जा सके।

एक अधिकारी ने सोमवार को यह कहा।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि वाणिज्यिक कोयला खनन की नीलामी की दूसरी किस्त को कोविड- 19 महामारी के कारण टाले जाने की संभावना नहीं है। हालांकि कोयला मंत्रालय स्थिति की समीक्षा करेगा और उपयुक्त निर्णय लेगा। इस संबंध में प्रस्तावित बोली लगाने वालों के साथ प्राधिकरण की बेठक के बाद अधिकारी ने यह कहा।

अधिकारी ने पीटीआई- भाषा से कहा, ‘‘कोयला खनन नीलामी की दूसरी किस्त के बोली लगाने से पहले हुई बैठक में सरकार ने कहा कि वह कोयला खनन के क्षेत्र में परियोजना वित्तपोषण के लिये नीति लेकर आयेगी।’’

इस संबंध में एक नीति को लेकर सरकार में चर्चा हो रही है। दुनियाभर में कोयल खान परियोजनाओं का विरोध बढ़ रहा है जिससे इन परियोजनाओं का वित्तपोषण करना चुनौती बनता जा रहा है। परियोजनाओं का विरोध करने वालों का मानना है कि इस तरह की परियोजनायें पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

समझा जाता है कि एक राष्ट्रीयकृत बैंक आस्ट्रेलिया में एक प्रमुख कोयला खनन परियोजनाओं के वित्तपोषण को लेकर अंतिम फैसला नहीं कर पा रहा है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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